पोलो वन: गुजरात का सर्वश्रेष्ठ प्राकृतिक स्थान (Polo Forest : Gujarat Ka Sarwashreth Prakrutik Sthan )

अगर आप को जंगलो में घूमने का और ट्रैकिंग का शोख है और आप प्रकृति से प्रेम करते है तो पोलो फोरेस्ट आप के सबसे अच्छी जगह है।

अगर आप पोलो के जंगलो में जाना चाहते है तो इसे जरूर पढ़ें।  और अगर आप नहीं जाना चाहते तो यकीं मने की आप इसे पढके जरूर यहाँ जायेंगे



 

Polo Forest तक पहुंच ने का रास्ता --

पोलो के जंगल तक पहुंचने का सबसे आसान तरीका सड़क मार्ग है। Ahmedabad  से लगभग 150 KM की दूरी पर स्थित यह स्थान प्राकृतिक सौन्दर्य और प्रकृति से भरपूर है। यह स्थान  Idar  से मात्र 3 KM की दूरी पर स्थित है। ईडर से जीप द्वारा इस स्थान तक पहुँचा जा सकता है।

गर्मियों में यहाँ का तापमान ३५ से ऊपर जाता ही नहीं ऊपर नहीं जाता। हां, हालांकि यहां की प्राकृतिक हरियाली के कारण मानसून में जाने का मजा ही कुछ अलग है। तो आइए जानें क्यों है पोलो फॉरेस्ट आकर्षण का केंद्र।


 

पोलो वन के इतिहास पर एक नजर: ( History of Polo Forest )

माना जाता है कि मंदिरों का निर्माण 19वीं शताब्दी के आसपास हुआ था। पोलो कभी राजस्थान का प्रवेश द्वार था। इस जगह का निर्माण शासकों ने दुश्मनों और नागरिकों से छिपने के लिए किया था। पोलो शब्द पोल से लिया गया है। जिसका अर्थ मारवाड़ी भाषा के अनुसार द्वार है।




 

Polo Forest एक पर्यटक आकर्षण क्यों है

 

यहां ट्रेकिंग का भी काफी मजा है। यहां एक छोटी सी धारा भी है। यह ज्यादातर गैर-मानसून मौसम में शुष्क होता है। यहां एक जैन मंदिर, एक शिव मंदिर और एक कुआं भी है। जैन मंदिरों और शिव मंदिरों पर अद्भुत नक्काशी की गई है। वर्तमान में यह स्थान गुजरात के रक्षा विभाग के अंतर्गत आता है। फोटोग्राफी के लिए यह जगह सबसे अच्छी मानी जाती है। यह सिर्फ एक पहाड़ी क्षेत्र नहीं है, एक मंदिर और एक झरना है। इसके अलावा, हरनव नदी स्थित है। पास ही हरनव बांध भी है। इस बांध की ऊंचाई करीब 30 से 40 मीटर है।





कहा जाता है कि सर्दियों में बांध पर करीब 3 अलग-अलग पक्षी देखे जा सकते हैं। जो पर्यटकों को आकर्षित करता है। बांध से 3 किमी की दूरी पर पर्यटकों के लिए वन विश्राम गृह की भी व्यवस्था की गई है।

गुजरात सरकार द्वारा हर साल यहां पोलो फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है। जिसके तहत ट्रैकिंग और फोटोग्राफी जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

यहां 20 से अधिक औषधीय पौधे हैं। पक्षियों की लगभग 6 प्रजातियाँ उपलब्ध हैं। लगभग 30 स्तनधारी और 6 सरीसृप हैं।

 

पोलो वन में भोजन व्यवस्था:

आमतौर पर आपको यहां अपने भोजन की व्यवस्था खुद करनी पड़ती है। हालांकि, आसपास के ढाबे में भोजन का आनंद लिया जा सकता है। लेकिन, यदि आप एक ही दिन के लिए जा रहे हैं, तो यह अनुशंसा की जाती है कि आप भोजन अपने साथ ले जाएं।


पोलो फोरेस्ट में रहने की व्यवस्था :- 

पोलो के जंगलों में कुछ छोटी होटल्स और रेसरट्ट भी है। अगर आप टेंट सिटी में रहना चाहते है तो यहाँ पर उसकी भी व्यवस्था है। 






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